कितना सुन्दर फूल कमल का,
सबके मन को भाता है.
कीचड़ में भी खिलना सीखो,
हमको ये सिखलाता है.

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Kitna sundar phool kamal ka,

sabke man ko bhata hai.

Keechad me bhi khilna seekho,

sabko ye sikhlata hai.

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